कोरोनावायरस
शिवपुरी. जनता कर्फ्यू और फिर लॉक डाउन लागू कर देने से शिवपुरी जिले में हालात बिगड़ने से बच गए। पहले कोरोना पॉजीटिव की अब निगेटिव रिपोर्ट आने से राहत है। इसी बीच शिवपुरी जिले से 2 दिन में करीब 16 और सैंपल लिए गए हैं। जिसमें 2 संदिग्ध और 14 अन्य में डॉक्टर व स्टाफ के लोग शामिल हैं। क्योंकि कोरोना पॉजीटिव दूसरे युवक का उक्त डॉक्टर व स्टाफ द्वारा इलाज किया जा रहा था। ।
मलेरिया अधिकारी, सिविल सर्जन सहित अन्य डॉक्टरों के सैंपल हुए
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ लालजू शाक्य, जिला अस्पताल से सिविल सर्जन डॉ. पीके खरे, डॉ. दिनेश राजपूत, डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर, डॉ. अनूप गर्ग, डॉ. राघवेंद्र सिंह, डॉ. राखी, डॉ. मेघा प्रभाकर और मेडिकल कॉलेज से डॉ. प्रशांत सिंह, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. पवन राठौर, मनोज कुमार, शैलेंद्र शर्मा, नरेंद्र मांझी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। जिला अस्पताल में जोखिम उठाकर उक्त अधिकारी और डॉक्टर और स्टाफ द्वारा कोरोना मरीज का इलाज किया है।
ज्वारे विसर्जन करने सैकड़ों लोग पहुंचे, पुलिस पटवारियों से उलझी
पिछोर के कालीपहाड़ी गांव में मंगलवार को ज्वारे विसर्जन कार्यक्रम में सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। निगरानी के लिए तैनात पटवारी दीपक शर्मा ने ग्रामीणों से सोशल डिस्टेंस बनाने की सलाह दी और सामूहिक कार्यक्रम आयोजित नहीं करने के बारे में कहा, लेकिन ग्रामीणों को पटवारी की बात रास नहीं आई और पटवारी से विवाद करने लगे। इस पर पटवारी ने पिछोर थाने पर सूचना दे दी। पुलिस मौके पर आ गई, लेकिन ग्रामीणों को समझाने की बजाय पटवारी से ही उलझ बैठी। इस बात की दूसरे पटवारियों को भनक लग गई और उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। पटवारियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण फैलने के लिए उनकी भी ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। लेकिन पुलिस भीड़ की अनदेखी कर रही है।